रूद्र, भगवान शिव का वह उग्र और अद्भुत रूप है जो न केवल सृष्टि के विनाश का प्रतीक है, बल्कि परिवर्तन और पुनर्जन्म की शुरुआत भी करता है।

RUDRA

'काल' का अर्थ है समय, और 'भैरव' का अर्थ है भय का नाश करने वाला इसलिए काल भैरव वह शक्ति हैं जो समय को भी नियंत्रित करते हैं, और मृत्यु के भय को भी समाप्त करते हैं ।

KALL BHAIRAV

'यह रूप भगवान शिव और माँ पार्वती के अद्वितीय मिलन को दर्शाता है जहाँ पुरुषत्व (शिव) और स्त्रीत्व (शक्ति) एक होकर सृष्टि की पूर्णता को प्रकट करते हैं।

ARDHNARESHWAR

बटुक भैरव यह दर्शाते हैं कि वास्तविक शक्ति उम्र या रूप में नहीं, बल्कि चेतना और ऊर्जा में होती है - वे रक्षक भी हैं और विनाशक भी।

BATUK BHAIRAV

नटराज भगवान शिव का एक दिव्य रूप है, जिसमें वे ब्रह्मांडीय नृत्य करते हुए दिखाई देते हैं। उन्हें “नृत्य के देवता” (Lord of Dance) के रूप में जाना जाता है।

NATARAJ

“भूतनाथ” भगवान शिव का एक अद्भुत और गूढ़ नाम है,जिसका अर्थ है - “प्रेतों, आत्माओं और पंचभूतों के स्वामी” ।

BHOOTHNATH

वीरभद्र भगवान शिव का एक अत्यंत उग्र, क्रोधपूर्ण और प्रचंड रूप है। इस स्वरूप का जन्म तब हुआ, जब शिव को यह ज्ञात हुआ कि उनकी पत्नी सती ने दक्ष यज्ञ मे अपमानित होकर आत्मदाह कर लिया ।

VEERBHADHRA

KIRATA

यह कथा महाभारत और महाकाव्य किरातार्जुनीयम् में वर्णित है,जहाँ भगवान शिव, अर्जुन की तपस्या और भक्ति की परीक्षा लेने के लिए किरात (शिकारी) का रूप धारण करते हैं। 

BETAAL

बेताल (या वेताळ) भगवान शिव के उग्र और युद्धवीर रूप भैरव से जुड़ी एक दिव्य शक्ति हैं। उन्हें एक रक्षक, संहारक, और अनिष्ट टालने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है ।