पौराणिक मान्यता के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।
इस बार रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि अलग अलग दिन होने से जन्माष्टमी का पर्व कब मनाया जाए यह दुविधा है।
रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि अलग अलग दिन हों तो इस व्रत को उदयातिथि के अनुसार करने का विधान है।
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है।
अष्टमी तिथि 16 अगस्त को है इसलिए जन्माष्टमी का पर्व 16 अगस्त के दिन मनाया जाएगा।
अष्टमी आरंभ : 15 अगस्त अष्टमी समाप्त : 16 अगस्त
रोहिणी आरंभ : 17 अगस्त
रोहिणी समाप्त : 18 अगस्त
कृष्ण जन्माष्टमी 2025 तिथि